7th CPC Budget 2023 : वित्त मंत्री ने किया जबरदस्त ऐलान ! नए साल में बढ़ेगी पेंशन और मिलेगा मैटरनिटी का लाभ, पढ़िए खबर !

7th CPC Budget 2023 :- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा अगले बजट सत्र यानी 2023 में आगामी वित्त वर्ष 1 फरवरी 2023 को पेश करने जा रही हैं, पत्र में इस बात का उल्लेख है कि केंद्र सरकार के योगदान को तुरंत बढ़ाकर कम से कम ₹500 किया जाना चाहिए ! बता दे कि सरकार की ओर से वित्त वर्ष 2023 24 के आम बजट को तैयार करने की कवायद शुरू हो चुकी है,इस बीच वित्त मंत्री ने सोशल सिक्योरिटी के तहत पेंसिल बढ़ाने और मैटरनिटी लाभ के लिए पर्याप्त प्रावधान करने की मांग भी की है, यह रहा लेटेस्ट अपडेट !

7th CPC Budget 2023

7th CPC Budget 2023
7th CPC Budget 2023

साल की शुरुआत में कुछ ही दिन बचे हैं, और ऐसे में नया साल कम साड़ियों के लिए कई खुशियों की सौगात लेकर आ सकता है! जहां एक तरफ सैलरी से जुड़े कई बड़े फैसले पर मुहर लगने की चर्चा जोरों पर है,वहीं दूसरी तरफ पेंशन और मैटरनिटी लाभ में भी बढ़ोतरी के आसार नजर आ रहे हैं, दरअसल वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा अगले वित्त वर्ष के बजट का ऐलान 1 फरवरी 2023 को पेश किया जाएगा, इसके साथ ही साथ बजट की तैयारियां भी तेजी से चल रही है, इस बीच में अर्थशास्त्रियों ने अगले वित्त वर्ष के बजट से पहले सोशल सिक्योरिटी बढ़ाने और मैटरनिटी लाभ के लिए पर्याप्त प्रावधान करने की मांग की है।7th CPC TODAY UPDATE : क्या मार्च तक 5% बढ़ जाएगा डीए, ये रहा नवीनतम अपडेट !

पेंशन बढ़ाने की कवायद शुरू !

दरअसल अर्थशास्त्रियों ने वित्त मंत्री से सोशल सिक्योरिटी के तहत पेंशन में बढ़ोतरी साथ-साथ मैटरनिटी लाभ वाले प्रावधान के लिए मांग की प्रक्रिया शुरू कर दी है, इसके लिए उन्होंने वित्त मंत्री को एक लेटर भी लिखा है, साथ ही साथ अपने यूनियनों की तरफ से इस लेटर पर हस्ताक्षर कर अपनी सहमति जताने की भी कोशिश की है, और तो और अपनी सहमति जताने के नाम पर दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के मानद प्रोफेसर जया मरीज, कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के मानद प्रोफेसर प्रणव वर्धन, मुंबई स्थित इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट आफ डेवलपमेंट रिसर्च के शास्त्री जी,7th pay commission: 2023 में कर्मचारियों को फिर मिलेगी 2 बड़ी सौगात! 50000 से 1 लाख तक बढ़ेगी सैलरी, जानें ताजा अपडेट्स।

आगरा और दिल्ली के अर्थशास्त्र के प्रोफेसर इत्यादि अर्थशास्त्रियों उस आवेदन पत्र पर हस्ताक्षर कर वित्त वर्ष 2023 24 के बजट में NFSA के मापदंडों के तहत मातृत्व अधिकार को पूर्ण रुप से लागू किए जाने की मांग की स्वीकृति प्रदान करने की घोषणा की है। जाहिर तौर पर अगर यह मांग स्वीकृत हो जाती है,तो कम से कम 8000 करोड रुपए की आवश्यकता सरकार के राजस्व खाते में अवश्य होनी चाहिए, ताकि इस मांग की खानापूर्ति की जा सके !

साल 2006 में क्या किया गया था ऐलान ?

पत्र में इस बात का संज्ञान लिया गया है, कि राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत बुजुर्गों की पेंशन में केंद्र सरकार का योगदान 2006 से महज ₹200 प्रति माह पर स्थिर बना हुआ है, बता दें कि यह ठीक बात नहीं है, क्योंकि केंद्र सरकार के योगदान को तुरंत अगर नहीं बढ़ाया गया इससे बुजुर्ग इस महंगाई की मार तो नहीं खेल पाएंगे, बढ़ती महंगाई को देखते हुए पहले भी पेंशनर्स की तरफ से ऐसी मांगों के लिए दिल्ली का जंतर मंतर प्रसिद्ध रहा है ।7th pay commission: 2023 में कर्मचारियों को फिर मिलेगी 2 बड़ी सौगात! 50000 से 1 लाख तक बढ़ेगी सैलरी, जानें ताजा अपडेट्स।

इसी प्रकार विधवाओं के लिए पेंशन 300 से बढ़ाकर ₹500 करने की मांग है, पत्र के अनुसार विधवाओं के लिए पेंशन के मध्य में 1560 करोड़ रुपए की लागत आ सकती है। पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले अर्थशास्त्रियों ने वित्तीय वर्ष 2023 24 के बजट में नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट के मापदंडों के तहत मात्र अधिकारों को पूर्ण रुप से लागू करने की मांग की है,इसके लिए कम से कम ₹8000 की जरूरत होगी।7th Pay Commission: नए साल में सरकारी कर्मचारियों को मिलेंगे 3 बड़े तोहफे! मोदी सरकार खोल सकती है खजाना.

Conclusion :- उम्मीद करते हैं दोस्तों आपको आज का आर्टिकल बेहद पसंद आया होगा, ऐसे ही फाइनेंस से संबंधित ट्रेंडिंग आर्टिकल्स के लिए हमारी वेबसाइट को लगातार विजिट करते रहे, और अपने प्यारे प्यारे प्रश्नों में कमेंट के जरिए लिखना ना भूलें.धन्यवाद !