7th Pay Commission : सरकारी कर्मचारियों के पेंशन में हुआ बड़ा बदलाव, सरकार ने लिया ये फैसला

7th Pay Commission :  केंद्र सरकार (Central Government) हो या राज्य सरकार (State Government) दोनों ही अपने कर्मचारियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखती हैं। जहां एक तरफ केंद्र सरकार ने पेंशन के नियमों में आवश्यक बदलाव किए तो वहीं अब हिमाचल प्रदेश सरकार ने भी इस तरफ अपना रूख अख्तियार किया है। बताते चलें कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों को 1 फरवरी से बढ़ाकर पेंशन (Pension) देने का निर्णय लिया है। राज्य के 1.73 लाख पेंशन धारकों पर ये नियम लागू रहेगा।

मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया निर्णय

दरअसल केंद्र या राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर पेंशन या वेतन को लेकर नियमों में बदलाव किया जाता है। वहीं हिमाचल प्रदेश सरकार ने भी इस क्षेत्र में बड़ा निर्णय लेते हुए 1 फरवरी से बढ़ाकर पेंशन देना सुनिश्चित किया है। यह जानकारी राज्य सरकार के प्रवक्ता के द्वारा दी गई है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर (CM Jairam Thakur) के नेतृत्व में मंत्रिमंडल की एक बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें ये बड़ा निर्णय लिया गया है।

सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी मिलेगा लाभ

मिली जानकारी के मुताबिक जो कर्मचारी 1 जनवरी वर्ष 2016 से लेकर 31 दिसंबर 2021 के मध्य सेवानिवृत्त हो चुके हैं उन लोगों को भी ग्रेच्युटी तथा संशोधित पेंशन का लाभ दिया जाएगा। इसका सीधा मतलब ये है कि हिमाचल प्रदेश में 1 जनवरी वर्ष 2016 से फैमिली पेंशन तथा न्यूनतम पेंशन को बढ़ाकर 9000 रूपए किया जाएगा। अभी तक फैमिली पेंशन तथा न्यूनतम पेंशन 3500 रूपए था।

ग्रेच्युटी की कैंपिंग में हुई बढ़ोतरी

वहीं ग्रेच्युटी की कैंपिंग को मंत्रिमंडल के द्वारा 1 जनवरी वर्ष 2016 से 10 लाख से बढ़ाकर अब 20 लाख कर दिया गया है। वहीं बनाए गए नए नियम के मुताबिक 80 वर्ष से ज्यादा उम्र के पारिवारिक पेंशन भोगियों तथा पेंशनर्स को पारिवारिक पेंशन व संशोधित पेंशन का लंबित लाभ भी दिया जाएगा। राज्य सरकार के प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि मंत्रिमंडल की आयोजित बैठक में पेंशन भोगियों को महंगाई राहत भत्ता देने का भी निर्णय लिया गया है।

राजस्व पर पड़ेगा बड़ा असर

इस प्रकार देखा जाए तो सरकार के द्वारा पेंशन के नियमों में एक बड़ा बदलाव किया गया है। जिससे एक तरफ सरकारी कर्मचारियों में खुशी का माहौल है तो वहीं दूसरी तरफ राजस्व पर इसका बड़ा असर पड़ेगा। बताते चलें कि पेंशन में किए गए इस बड़े बदलाव के कारण राजस्व पर वार्षिक तौर पर लगभग 1785 करोड़ रूपए का अतिरिक्त लोड पड़ेगा। हांलाकि सरकार पहले ही इसमें से अंतरिम राहत के तौर पर 1450.44 करोड़ रूपए उपलब्ध करवा चुकी है।

50 अतिरिक्त एंबुलेंस की खरीद और परिचालन पर बनी सहमति

वहीं राज्य सरकार के प्रवक्ता ने एक और बड़ी जानकारी दी है। उन्होंने बताया है कि मंत्रिमंडल ने आपातकाल के दौरान मरीजों को होने वाली समस्या को देखते हुए एक बड़ा निर्णय लिया है। मंत्रिमंडल ने आपातकाल के दौरान मरीजों को राष्ट्रीय एंबुलेंस सेवा के तहत मुफ्त परिवहन की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए 50 अतिरिक्त एंबुलेंस के परिचालन और खरीद पर भी सहमति जताई है।

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