7th Pay Commission Latest Update : केंद्रीय कर्मचारियों को मिलेगी सौगात ! 18 महीने के बकाया एरियर पर आया नया अपडेट

7th Pay Commission Latest Update: 18 अगस्त 2022 को राष्ट्रीय परिषद के सचिव (स्टाफ पक्ष) शिव गोपाल मिश्रा ने कैबिनेट सचिव और राष्ट्रीय परिषद के अध्यक्ष को पत्र भेजा है।यदि इस पर निर्णय लिया जाता है तो आवश्यक कर्मियों और पेंशनभोगियों के खाते में बड़ी राशि आएगी।

7th pay commission : अनिवार्य कर्मियों और पेंशनभोगियों के लिए जल्द ही एक अच्छी खबर आने वाली है।त्योहारी सीजन शुरू हो चुका है और सरकार नवरात्रि के दौरान कर्मियों को तोहफे देने की तैयारी कर रही है।
महंगाई भत्ते में उछाल के साथ अब सरकार 18 महीने के डीए एरियर (18 महीने डीए एरियर) पर भी चयन की घोषणा कर सकती है.18 अगस्त 2022 को राष्ट्रीय परिषद के सचिव (स्टाफ पक्ष) शिव गोपाल मिश्रा ने कैबिनेट सचिव और राष्ट्रीय परिषद के अध्यक्ष को पत्र भेजा है।यदि इस पर निर्णय लिया जाता है तो आवश्यक कर्मियों और पेंशनभोगियों के खाते में बड़ी राशि आएगी।केंद्रीय कर्मचार‍ियों का लंबे समय से महंगाई भत्‍ते (DA Hike) में विकास के लिए चल रही घड़ी खत्म होने वाली है।

7th Pay Commission: सरकार द्वारा महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का ऐलान जानिए अब से कितनी बढ़ेगी कर्मचारियों की सैलरी

सरकार के माध्यम से ही इसे पेश किया जाएगा

सूत्रों के मुताबिक महंगाई भत्ते की औपचारिक घोषणा 28 सितंबर यानी 0.33 नवरात्रि पर हो सकती है.इस घोषणा के बाद सितंबर की आय में दो माह का बकाया शामिल होगा।इसके साथ ही 18 माह का डीए बकाया नया अपडेट भेज दिया गया है और अब इस पत्र में कर्मियों के डीए बकाया का जिक्र किया जा रहा है,बताया जा रहा है कि इस पर भी फैसला लिया जा सकता है।

8th Pay Commission 2022: त्योहारी सीजन में केंद्रीय कर्मचारियों के लिए एक और खुशखबरी, जल्द लागू होगा 8वां वेतन आयोग

DA Arrear आएगा तो मिलेगा अच्छा पैसा !

कर्मचारी इस 18 महीने के डीए बकाया के लिए काफी उत्साह है क्योंकि बकाया राशि होने के वजह से अच्छा खासा पैसा मिलने वाला है ।

7th pay commission: इसके तहत यदि आवश्यक कर्मियों को डीए का बकाया मिलता है तो कर्मियों के खाते में बड़ी राशि आएगी।नेशनल काउंसिल ऑफ जेसीएम (स्टाफ साइड) के शिव गोपाल मिश्रा के मुताबिक लेवल-1 कार्मिक किस्म का डीए बकाया 11,880 रुपये से 37,554 रुपये है।जबकि लेवल-13 (सातवां सीपीसी प्राथमिक वेतनमान 1,23,300 से 2,15,900 रुपये) या लेवल-14 (वेतनमान) के लिए एक कर्मचारी के हाथों में डीए बकाया 1,44 रुपये हो सकता है। 2,18,200 का भुगतान किया जा सकता है।

18 महीने के एरियर पर नहीं हुआ है अभी तक फैसला

कोरोना काल में केंद्र सरकार ने एक जुलाई 2020 से महंगाई भत्ते को एकमुश्त ग्यारह प्रतिशत के माध्यम से गुणा कर दिया था।लेकिन, उस अवधि (18 महीने) के दौरान महंगाई भत्ते का बकाया अब नहीं बल्कि कर्मियों को भुगतान किया गया है।इस संबंध में वित्त मंत्रालय की ओर से पिछले साल कहा गया है कि अब महंगाई भत्ते के एवज में बकाया का भुगतान नहीं किया जाएगा।लेकिन, दूसरी ओर संस्थाओं की मांगों को लेकर सरकार पर दबाव लगातार बढ़ता ही जा रहा है।

EPF Money Withdrawal 2022 :- बड़ी खबर ! हर साल इंटरेस्ट का पैसा आने में क्यों होती है देर?

AICPI के आंकड़े क्या कहते है ?

वर्तमान में, प्रमुख कर्मियों का महंगाई भत्ता 34 प्रतिशत से गुणा किया गया है।दूसरी ओर एआईसीपीआई के अब तक के तथ्यों के अनुरूप अगस्त में महंगाई भत्ता फिर से बढ़ने को तैयार है।इसका लाभ 52 लाख प्रमुख सरकारी कर्मियों और 65 लाख से अधिक पेंशनभोगियों को मिलता है।

क्या है पेंशनर्स का तर्क। इस पर ?

दरअसल, पेंशनभोगियों ने अपील की है कि वित्त मंत्रालय रोके गए डीए/डीआर का बकाया 1 जनवरी, 2020 से 30 जून, 2021 के बीच पहुंचाए.हम इस पर त्वरित कार्रवाई के लिए बेहद आभारी हैं।पेंशनभोगियों का तर्क है कि खुदरा मुद्रास्फीति में तेजी से वृद्धि हुई है, जबकि डीए/डीआर बंद हो गया है और पेट्रोल और डीजल की कीमतें, जो खाने योग्य तेल और दालें हैं, अतिरिक्त रूप से रिकॉर्ड ऊंचाई पर हैं।इनमें से एक स्थिति में सरकार को अब इस बकाया राशि को नहीं रोकना चाहिए।

PM Kisan Samman Nidhi Yojana: किसानों को मिलने वाली है बड़ी खुशखबरी, जानिए किस तारीख को आएगी बारहवीं किश्त

पेंशनर्स को है इसका इंतजार !

आपको बता दें कि यदि कर्मचारियों के माध्यम से यह बकाया मिलता है तो उनके खाते में मोटी रकम आ जाएगी।
ऐसे में पेंशनभोगियों का कहना है कि पेंशनभोगियों की रोजी-रोटी के लिए डीए/डीआर का भुगतान किया जाता है।
18 महीनों के दौरान, मूल्य और कीमतें लगातार बढ़ीं लेकिन अब भत्ते नहीं बढ़े।इस तरह की स्थिति में पेंशनभोगियों की सबसे आसान कमाई पेंशन के हिस्से के रूप में महंगाई के इलाज को रोकना उनके शौक का नहीं है।इसलिए पेंशनभोगियों का कहना है कि सरकार को इसे एक बार फिर वापस लेना चाहिए।