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CUCET 2022 : अब ऐसे छात्रों को भी दिल्ली यूनिवर्सिटी में आसानी से मिलेगा प्रवेश

CUCET 2022 : केंद्रीय विश्वविद्यालयों में बच्चों की प्रवेश प्रक्रिया अब कट ऑफ के आधार पर नहीं की जाएगी। इसके लिए अब सेंट्रल यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CUCET) के तहत ही प्रवेश प्रक्रिया संचालित की जाएगी। ऐसा देखने को मिल रहा था कि जिन छात्रों का पर्सेंटेज 99 प्रतिशत से कम होता था उनको दिल्ली यूनिवर्सिटी (Delhi University) में एडमिशन लेने के लिए काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था।

इस परिस्थिति में बहुत सारे मेहनती बच्चों को निराश होना पड़ता था। वहीं कई ऐसे छात्र भी हैं जो पढ़ाई में बहुत तेज हैं लेकिन किसी कारणवश अच्छी जगह पर एडमिशन लेने में सक्षम नहीं हो पा रहे थे। छात्रों की इन समस्याओं को देखते हुए यूजीसी ने उन्हें राहत प्रदान किया है। ऐसे छात्रों को भी अब अच्छे स्थानों पर प्रवेश लेने में किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं होगी।

जितिन चावला ने दी जानकारी

करियर काउंसलर जितिन चावला ने जानकारी देते हुए बताया कि आमतौर पर जीवन में तरक्की पाने के लिए एक व्यक्ति को क्या-क्या तरकीब अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति को जीवन में तरक्की पाने के लिए आत्मविश्वास, नॉलेज और पब्लिक स्पीकिंग बहुत आवश्यक है। उन्होंने आगे कहा कि हमारा एजुकेशन सिस्टम और छात्रों के पैरेंट्स का कहना है कि यदि जीवन में सफल होना है तो अच्छे अंक प्राप्त करो।

पर्सेंटेज न होने के कारण दिल्ली यूनिवर्सिटी में नहीं मिलता था एडमिशन

ऐसे बहुत सारे बच्चे हैं जिनका 12वीं में 99 या 100 प्रतिशत अंक न होने पर दिल्ली यूनिवर्सिटी में एडमिशन ही नहीं हो रहा था। अब सवाल ये उठता है कि जिन बच्चों का 99 या 100 प्रतिशत अंक नहीं आया तो क्या इसका मतलब वो काबिल नहीं हैं? ऐसा बिल्कुल भी नहीं है ये सब हमारे एजुकेशन सिस्टम और पैरेंट्स के मन में बनी गलत धारणा का परिणाम है।

दरअसल जिन बच्चों का अच्छा पर्सेंटेज नहीं आता है उनके सामने कुछ ऐसी परिस्थितियां भी तो हो सकती हैं जिसकी वजह से वो मंजिल तक नहीं पहुंच पाए। लेकिन उनको सीधे तौर पर जज कर लेना कि वो पढ़ने में कमजोर हैं या फिर उस काबिल नहीं हैं कि दिल्ली यूनिवर्सिटी जैसी जगह पर दाखिला ले सकें ये बातें बिल्कुल फर्जी हैं।

मेहनत करने वाले बच्चों को मिलेगा लाभ

बेढंगे एजुकेशन सिस्टम के कारण बहुत सारे बच्चे दिल्ली यूनिवर्सिटी में एडमिशन ही नहीं ले पा रहे थे। इसी को देखते हुए छात्रों की सुविधा के लिए सेंट्रल यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CUCET) का शुभारंभ किया गया है। इसके माध्यम से छात्रों को बहुत लाभ मिलेगा। एक्सपर्ट का कहना है कि मेहनत करने वाले बच्चों को इससे कोई नुकसान नहीं होगा।

करियर काउंसलर जितिन चावला ने कहा कि कोरोना के कहर ने जिन बच्चों का जीवन ही बदल कर रख दिया ऐसे बच्चों को CUCET के माध्यम से बहुत लाभ मिलेगा। जितिन चावला ने कहा कि कोरोना के प्रकोप से तमाम छात्रों के माता-पिता की नौकरी चली गई तो वहीं कई बच्चों के माता-पिता की मृत्यु हो गई। न जाने कितने ऐसे लोग भी हैं जिनको पैसे कम मिलने लगे और बढ़ती महंगाई के दौर में बच्चों की महंगी फीस भी भरनी थी।

जरा गौर से सोचिए कि मां-बाप को इस विषम परिस्थिति में जूझते हुए देखकर बच्चों की मानसिक स्थिति पर क्या असर पड़ता होगा। शायद इसलिए भी बच्चे हताश होकर इतनी मेहनत न कर पाए हों कि दिल्ली यूनिवर्सिटी में दाखिला ले सकें।

CUCET अब ऐसे बच्चों को उनका अधिकार दिलाएगी। जितिन चावला ने आगे कहा कि देश में कई अलग-अलग बोर्ड हैं। इन बोर्ड की मार्किंग और पढ़ाई बिल्कुल अलग ढंग से करवाई जाती है। उन्होंने कहा कि यूपी, बिहार या फिर अन्य राज्यों के बच्चे दिल्ली के बच्चों के साथ कंपटीशन नहीं कर पाते हैं। ऐसे में उन बच्चों को भी दिल्ली के अच्छे कॉलेज में पढ़ने का असर नहीं मिल पाता है। लेकिन CUCET अब ऐसे बच्चों को उनका अधिकार जरूर दिलाएगा।

By Himanshu Rai

Himanshu Rai is a Journalist and content professional with 10+ years of experience.He has worked with Several News Agencies like Inshorts and NTLive.He is Highly Experienced and has Excellent Knowledge of Indian Politics.He Currently working as Editor and Content Management.

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