EPFO : क्या आपको पता है पीएफ से जुड़ी ये महत्वपूर्ण बातें, देखें डिटेल

EPFO : कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) कर्मचारियों (Employees) के रिटायर होने या किसी संस्था में नौकरी की अवधि पूरी करने के पश्चात उनको इनकम का एक ऐसा जरिया प्रदान करती है जिससे कि कर्मचारियों को परेशान नहीं होना पड़ता है। कोई जटिल परिस्थिति सामने आने पर कर्मचारी रिटायर होने से पहले ही अपने पीएफ अकाउंट से भविष्य निधि की राशि निकाल सकता है।

EPF से पैसा निकालने की प्रक्रिया

कर्मचारियों को इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि EPF से जो पैसा निकालने की प्रक्रिया है वो बहुत ही टेढ़ी होती है। EPF जमा करने के लिए कोई विशिष्ट तिथि निर्धारित नहीं होती है जबकि EPF से निकाले गए पैसे को अपने खाते में जमा करने में लगभग 5 से 10 दिन का समय बड़े आराम से लग जाता है।

EPFO Interest : पीएफ कर्मचारियों के लिए आई बंपर खुशखबरी, खाते में इस दिन भेजे जाएंगे 56000 रूपए

ऐसी परिस्थितियों में ही निकालें पैसा

बताते चलें कि यदि आप किसी मुश्किल में हैं या फिर रिटायर हो गए हैं तभी EPF का पैसा पीएफ खाते से निकाल सकते हैं। आप चाहें तो ऑनलाइन आवेदन करके या निकासी के लिए फिजिकल तौर पर आवेदन करके अपना पैसा निकाल सकते हैं।यदि आप भौतिक निकासी प्रक्रिया का उपयोग करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको समग्र फॉर्म में कुछ आवश्यक जानकारी भरनी होगी।

EPFO: जल्द ही PF अकाउंट में आने वाला है ब्याज! इस तरह घर बैठे अपने खाते के बैलेंस को आसानी से करें चेक

EPFO कार्यालय में जमा करना होगा पूरा विवरण

जब पूरा विवरण स्पष्ट रूप से फॉर्म में भर जाए तो इसे EPFO कार्यालय में जमा करना होगा। मान लीजिए कि यदि आप पैसे की निकासी ऑनलाइन करना चाहते हैं तो आपका यूएएन सक्रिय होना चाहिए। यह भी चेक कर लें कि यूएएन से जुड़ा नंबर काम कर रहा है कि नहीं। इसी प्रकार आपका यूएएन नंबर आपके केवाईसी से लिंक होना चाहिए। बता दें कि आपको ऑनलाइन निकासी बहुत सुविधाजनक रहेगी।

EPFO : त्यौहारी सीजन में सरकार देने जा रही है बड़ी खुशखबरी, आपके पीएफ खाते में आने वाले हैं 81000 रूपए

वर्ष 2022 के मुताबिक EPF के नियम

क्या आपके पास भी पीएफ अकाउंट है? यदि है तो आपको EPF के कुछ महत्वपूर्ण नियमों को हमेशा ध्यान में रखना होगा।

EPFO Pension 2022 : हर माह मिलेगी पेंशन, भविष्य निधि योजना में, जानिए क्या है पूरी प्रक्रिया

  1. जिन कर्मचारियों को 15000 रूपए तक का मूल वेतन या भत्ता मिलता है वो EPF योजना के लिए पात्र माने जाएंगे।
  2. किसी कर्मचारी को नौकरी या संस्था बदलते समय भविष्य निधि खाते से पैसे निकालने की जरूरत नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि इसे बड़े आराम से स्थानांतरित किया जा सकता है।
  3. जब कर्मचारियों की उम्र 54 वर्ष या इससे अधिक हो जाती है तो उन्हें EPF का 90 प्रतिशत निकालने का अवसर दिया जाता है।
  4. यदि आपके पीएफ अकाउंट में 3 वर्ष से ज्यादा समय तक कोई भी योगदान नहीं मिलता है तो ब्याज नहीं जमा किया जाएगा।
  5. 20 से अधिक कर्मचारियों वाली कंपनियों को कानून के द्वारा ईपीएफओ के लिए रजिस्टर्ड करना बहुत जरूरी है।