Fencing : फसलों की सुरक्षा के लिए 35000 से अधिक किसानों को तारबंदी पर मिलेगा अनुदान

Fencing : फसलों को बोने से लेकर काटने तक किसानों को विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। वहीं सबसे बड़ी समस्या छुट्टे घूम रहे जानवरों से होती है। फसलों को बचाने के लिए किसानों को खेतों पर तारबंदी (Fencing) करनी पड़ती है। तारबंदी (Fencing) करने से आवारा जानवर खेतों में नहीं घुस पाते हैं और किसानों की फसल सुरक्षित रहती है।

किसानों के सामने तारबंदी के लिए खर्च की समस्या

छुट्टे पशुओं से परेशान किसानों के सामने खेत पर तारबंदी (Fencing) का ही ऑप्शन दिखाई देता है। लेकिन समस्या इस बात की है कि सभी किसान इतने सक्षम नहीं हैं कि वो अपने खेत पर तारबंदी करवा सकें। उनके सामने खर्च की समस्या उत्पन्न हो जाती है। इन समस्याओं को देखते हुए सरकार द्वारा किसानों को अनुदान देकर तारबंदी का कार्य करवाया जा सकता है।

राजस्थान सरकार ने लिया यह निर्णय

बताते चलें कि राजस्थान सरकार विगत लंबे समय से किसानों को तार फेसिंग के लिए सब्सिडी मुहैया करवा रही है। सरकार ने इस योजना को आगे भी इसी प्रकार से जारी रखने का निर्णय लिया है। वहीं सरकार ने कुछ नियमों में बदलाव भी कर दिया है जिससे कि ज्यादा से ज्यादा किसान इस योजना का आसानी से लाभ ले सकें। बताते चलें कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) ने राजस्थान फसल सुरक्षा मिशन के लिए 100 करोड़ रूपए का बजट जारी करने का ऐलान किया है।

राजस्थान फसल सुरक्षा मिशन का हुआ शुभारंभ

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) ने बजट पेश करते हुए कहा है कि छुट्टे घूम रहे पशुओं से किसानों की फसलों को होने वाले नुकसान से बचाव तथा रोकथाम करने हेतु राजस्थान फसल सुरक्षा मिशन का शुभारंभ किया जा रहा है। जिसके लिए आगामी 2 वर्षों में 1 करोड़ 25 लाख मीटर तारबंदी पर 100 करोड़ रूपए का अनुदान प्रदान किया जाएगा। इस कदम से आगामी 2 वर्षों में 35 हजार से भी ज्यादा किसानों को इसका लाभ मिलेगा।

नियमों में हुआ बदलाव

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने तारबंदी योजना में 3 किसानों को 1 यूनिट मानने की शर्त को खत्म करते हुए एक अकेले किसान को लाभ देने तथा न्यूनतम क्षेत्रफल की सीमा को 1.5 हेक्टेयर करने का ऐलान किया है। बता दें कि राजस्थान सरकार के द्वारा राज्य के किसानों के लिए चलाए जा रहे फसल सुरक्षा मिशन के तहत तारबंदी के लिए पेरीफरी किसानों को अधिकतम राशि 40000 रूपए दिया जाता है।

इस प्रकार राजस्थान सरकार ने किसानों को आवारा पशुओं से हो रहे नुकसान से बचाने का निर्णय लिया है। जिससे कि किसानों को खेत पर तारबंदी करने में काफी आसानी होगी। बताते चलें कि अपनी जान को खतरे में डालकर किसान दिन रात अपनी फसलों की सुरक्षा करते हैं। कई बार ऐसा भी देखने को मिलता है कि फसलों की सुरक्षा करने में जुटे किसानों पर खतरनाक जानवर हमला कर देते हैं जिससे उनकी मौत भी हो जाती है।

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