मेरी पॉलिसी मेरे हाथ: पाएं बिमा पालिसी डॉक्यूमेंट घर पर, जानें कैसे और कब

Meri Policy Mere Hath: भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 जनवरी, 2016 को फसल बीमा योजना की शुरुआत की थी, समय पर बीमा पॉलिसी की हार्ड कॉपी नहीं मिलने के कारण किसानों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा था। ऐसे में अब उनकी मुश्किल को कम करने का काम सरकार ने किया है

मेरी पॉलिसी मेरे हाथ

सरकार ने देश के किसानों के लिए ‘Meri Policy Mere Hath’ नाम की योजना लागू की है। इसके तहत अब किसानों को अपने बीमा से जुड़े दस्तावेज घर बैठे ही मिलेंगे। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने शनिवार यानि आज किसानों को फसलों का बीमा कराने के लिए प्रेरित करने के मकसद से इस अभियान की शुरुआत की।

इस अभियान के माध्यम से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का दस्तावेज (नीति दस्तावेज) देशभर के उन किसानों तक पहुंचाया जाएगा, जिन्हें यह बीमा मिला है। हम चाहते हैं कि जो किसान फसल बीमा का बीमा नहीं करवा रहे हैं वे भी जागरूक हों और बीमा लेने के लिए प्रेरित हों। कृषि मंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार की पारदर्शिता से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का भुगतान सीधे किसानों के खातों में पहुंच रहा है और इस व्यवस्था में दलालों और बिचौलियों के लिए कोई जगह नहीं है।

पिछले छह वर्षों में कुल 36 करोड़ किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जुड़े हैं और प्राकृतिक आपदाओं से फसलों को हुए नुकसान के एवज में संबंधित किसानों को एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा प्रदान किया गया है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी “मेरी नीति, मेरे हाथ” अभियान के शुभारंभ के दौरान उपस्थित थे।

अब तक ₹1 लाख करोड़ से ज्यादा का भुगतान किया जा चुका है

उन्होंने कहा कि यह महत्वाकांक्षी योजना प्राकृतिक आपदा से फसलों को हुए नुकसान की स्थिति में किसानों को किफायती दर पर बीमा मुहैया कराती है। सीसीई कृषि ऐप ने फसलों के उत्पादन के बेहतर अनुमान के लिए पूरी प्रक्रिया को आसान, त्वरित और कागज रहित बना दिया है। इस ऐप पर अपलोड किया गया डेटा हमेशा रिकॉर्ड किया जाता है और इसमें जियो टैगिंग की भी सुविधा होती है।

मेरी पॉलिसी मेरे हाथ अभियान के संदर्भ में बोलते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि यह अभियान एक महीने तक चलेगा, जिसमें रबी सीजन 2021-22 के तहत सभी किसानों को बीमा दस्तावेज उनके घर पर जाकर दिए जाएंगे। इससे देश के किसानों तक फसल बीमा का लाभ घर तक पहुंचेगा, इस योजना के तहत किसानों को 24,667 करोड़ रुपये के प्रीमियम में 1,07,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का भुगतान किया गया है।

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