Mukhyamantri Ghasyari Kalyan Yojna : पशुपालकों की बढ़ेगी आय, इस योजना का उठाएं लाभ

Mukhyamantri Ghasyari Kalyan Yojna : राज्य सरकारें दुधारू पशुओं की सुरक्षा के लिए कई योजनाएं चला रही हैं। इन योजना का उद्देश्य ही यही है कि गायों को उचित भोजन और रखराव की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने गायों के लिए जगह-जगह गौशाला का निर्माण करवाया। तो वहीं अब उत्तराखंड सरकार ने दुधारू पशुओं के लिए मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना का शुभारंभ कर दिया है। इस योजना के जरिए पशुपालकों को पौष्टिक पशु आहार दिया जाएगा। जिसका मुख्य उद्देश्य होगा दुग्ध उत्पादन में बढ़ोतरी करना।

क्या है मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना

दुग्ध उत्पादन में बढ़ोतरी करने के लिए उत्तराखंड सरकार ने Mukhyamantri Ghasyari Kalyan Yojna 2022 का शुभारंभ कर दिया है। इस योजना के तहत पशुपालकों को 25 से 30 किलो के पशु आहार के बैग उपलब्ध करवाए जाएंगे। जिससे दुधारू पशुओं का स्वास्थ्य ठीक रहेगा। इसके साथ ही दुग्ध उत्पादन में भी 15 से 20 फीसदी की वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami) ने इस योजना का शुभारंभ करके उन तमाम नागरिकों को राहत प्रदान किया है जिनको पशु आहार प्राप्त करने के लिए परेशान होना पड़ता था।

पर्याप्त मात्रा में चारा नहीं मिलने के कारण पर्वतीय क्षेत्र के कृषकों की पशुपालन में रूचि कम होने लगी थी। लेकिन उत्तराखंड सरकार द्वारा चलाई जा रही इस योजना से पशुपालकों की रूचि एक बार फिर बढ़ने लगेगी। दुग्ध उत्पादन में वृद्धि होने से पशुपालकों की आय में भी बढ़ोतरी होगी।

मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना का लाभ

  1. पशुपालकों को 25 से 30 किलो तक का पशु आहार का बैग उपलब्ध करवाया जाएगा।
  2. दुग्ध उत्पादन में बढ़ोतरी करने के लिए मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना कारगर साबित होगी।
  3. पशुओं का स्वास्थ्य ठीक रहेगा।
  4. पशुपालकों को पशु आहार प्राप्त करने में आसानी होगी तथा उनके समय की बचत होगी।
  5. दुग्ध उत्पादन में 15 से 20 फीसदी की वृद्धि होगी।
  6. पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी।
  7. पर्वतीय क्षेत्र के कृषकों में पशुपालन के प्रति रूचि बढ़ेगी।

योजना का लाभ लेने के लिए आवश्यक शर्तें

मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना का लाभ केवल उत्तराखंड राज्य के स्थाई निवासी को ही मिलेगा। इस योजना में राज्य के स्थाई पशुपालक ही आवेदन कर सकते हैं। पशुपालक के पास दुधारू पशु भी होना चाहिए।

आवेदन करने के लिए जरूरी दस्तावेज

  1. आधार कार्ड
  2. निवास प्रमाण पत्र
  3. आयु प्रमाण पत्र
  4. आय प्रमाण पत्र
  5. राशन कार्ड
  6. पासपोर्ट साइज की फोटो
  7. ई-मेल आईडी
  8. मोबाइल नंबर

ध्यान देने वाली बात ये है कि मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना में आवेदन करने के लिए कुछ समय तक इंतजार करना होगा क्योंकि अभी उत्तराखंड सरकार द्वारा इस योजना को शुरू करने की घोषणा की गई है। आवेदन करने की प्रक्रिया भी जल्दी ही साझा की जाएगी।

देश में दूध की खपत बहुत ज्यादा है। हर घर में बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक को प्रतिदिन दूध की जरूरत पड़ती है। सवाल ये है कि क्या इतनी जरूरत होने के बाद भी गायों को पर्याप्त मात्रा में चारा और उचित देखभाल की सुविधा मिल पाती है? इसका जवाब तब मिल जाता है जब सड़कों पर गायों का झुंड बैठा दिखाई देता है और उनके शरीर की हड्डियां साफ बयां करती हैं कि उनकी कितनी सेवा हो रही है। यदि इस सवाल का जवाब और भी सटीक चाहिए तो कुछ गौशाला का निरीक्षण कर लीजिए हकीकत सामने होगी।

दरअसल बात ये है कि राज्य सरकार हो या केंद्र सरकार नागरिकों की समस्याओं को देखते हुए योजनाएं तो चला देती है लेकिन उस सुविधा का जनता के बीच पहुंचने से पहले ही बंदर बांट कर दिया जाता है। ये बंदर बांट हमारे और आपके क्षेत्र में मौजूद माफिया और दलाल करते हैं। ऐसा करके उनको बहुत लाभ मिलता है तो वहीं दूसरी तरफ आम जनता हाथ पर हाथ धरे बैठी रह जाती है। नतीजा ये होता है कि हम सरकार को ही दोषी ठहराते हैं।

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