NPS : इस योजना में निवेश करने वाले लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी, मिलेगी ये सुविधा

NPS : एनपीएस (National Pension System) स्कीम का लाभ ले रहे लोगों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है। पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA)  ने ये ऐलान किया है कि NPS योजना से जुड़े ग्राहकों को एक वित्तीय वर्ष के अंतर्गत 4 बार निवेश पैटर्न बदलने की अनुमति दी जाएगी। अभी तक मात्र 2 बार ही इसकी अनुमति दी जाती है।

दरअसल PFRDA के अध्यक्ष सुप्रतिम बंद्योपाध्याय ने विगत समय में इस बात का जिक्र किया था कि फिलहाल ग्राहक 1 वर्ष में महज 2 बार ही अपना निवेश विकल्प बदल सकते हैं लेकिन अब जल्दी ही इसको बढ़ाकर 4 किया जाएगा। उन्होंने ये भी कहा कि स्कीम में सीमा बढ़ाने की मांग हो रही थी। इसी वजह से बदलाव करना होगा।

क्या है NPS ?

NPS  (National Pension System) सरकार की एक पेंशन स्कीम है। जिसका प्रयोग वर्ष 2004 के जनवरी माह में सरकारी कर्मचारियों के लिए शुरू किया गया था। बदलते समय के साथ-साथ वर्ष 2009 में इसे सभी के लिए लागू कर दिया गया। सभी लोगों की ये इच्छा होती है कि सेवानिवृत होने के बाद भी उनको अपना जीवन सुचारू रूप से जीने के लिए पैसे की आमदनी होनी चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि आप विभिन्न स्थानों पर निवेश करके खुद का जीवन सुरक्षित बना सकते हैं।

योजना से मिलने वाला लाभ

NPS भी आपको एक सुरक्षित जीवन जीने में सहयोग प्रदान करता है। यह एक लंबे समय का निवेश प्लान होता है। यदि आप NPS (National Pension System) में अपना निवेश करते हैं तो सेवानिवृत्त होने के बाद एक बड़े फंड के रूप में आपको इसका लाभ मिलता है। आवश्यकता पड़ने पर जमा की गई राशि के एक बड़े हिस्से को आप एक बार में निकाल सकते हैं। इसके बाद शेष बची राशि का लाभ आपको सेवानिवृत्त होने पर पेंशन के रूप में मिलता रहेगा।

सबसे दिलचस्प बात तो ये है कि आप जितना निवेश करेंगे उस पर प्राप्त होने वाले रिटर्न से आपका NPS अकाउंट बढ़ता रहता है। NPS अकाउंट की मैच्योरिटी पर निवेशक को 40 फीसदी रकम एन्युटी में लगाना होता है। इसी रकम से आपको पेंशन मिलती है। बता दें कि यह रकम जितनी अधिक होगी पेंश की रकम भी उतनी ही अधिक रहेगी। यह भी जान लेना जरूरी है कि एन्युटी के तहत आपके निवेश की रकम सेवानिवृत्त होने के बाद पेंशन के रूप में मिलेगी। वहीं NPS की बची हुई राशि को एकमुश्त निकाला जा सकता है।

 NPS में जमा किए गए रकम को निवेश करने की जिम्मेदारी रजिस्टर्ड पेंशन फंड मैनेजर को दी जाती है। यह जिम्मेदारी PFRDA की तरफ से दी जाती है। आपके निवेश को इक्विटी, गवर्नमेंट सिक्योरिटीज और नॉन गवर्नमेंट सिक्योरिटीज के साथ ही Fixed Income Instrument में निवेश किया जाता है।

सभी लोग कर सकते हैं निवेश

बताते चलें कि NPS में केंद्रीय सरकार के कर्मचारी, राज्य सरकार के कर्मचारी, प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारी तथा साधारण लोग भी अपना निवेश कर सकते हैं। भारत का कोई भी नागरिक इस योजना में अपना निवेश कर सकता है।  यदि हम उम्र की बात करें तो 18 वर्ष से लेकर 70 वर्ष का कोई भी व्यक्ति इस योजना में अपना निवेश कर सकता है। वहीं नॉन रेजिडेंट इंडियन (NRI) भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं।

NPS में 2 प्रकार का होता है Account

बताते चलें कि NPS में 2 तरह के ACCOUNT होते हैं। जिन्हें हम टियर 1 तथा टियर 2 के नाम से जानते हैं। टियर 1 में 60 वर्ष की उम्र तक फंड नहीं निकाला जा सकता है। जबकि टियर 2 में ग्राहक अपनी आवश्यकता के अनुसार रकम निकाल सकता है। टियर 2 एक  Saving Account की तरह काम करता है।

वहीं सरकारी कर्मचारियों के लिए NPS Account में निवेश करने की सीमा 14 फीसदी होती है। NPS से फाइनल निकासी पर 60 फीसदी रकम टैक्स फ्री होती है।

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