PM Shram Yogi Maandhan Yojna : ऐसे लोगों के खाते में 36000 रूपए भेजने की मोदी सरकार देती है गारंटी

PM Shram Yogi Maandhan Yojna : सरकार के द्वारा असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को उनका भविष्य सुरक्षित करने के लिए पेंशन (Pension) प्रदान की जाती है। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए सरकार ने प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना (PM Shram Yogi Maandhan Yojna) का संचालन किया है। इस योजना का लाभ लेने के लिए असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को इससे जुड़ना होगा।

60 वर्ष के बाद मिलेगी पेंशन

बताते चलें कि इस योजना में उम्र के अनुसार प्रत्येक महीने 55 रूपए से लेकर 200 रूपए तक देना होता है। 60 वर्ष के बाद सरकार आपको हर महीने गारंटी के साथ 3000 रूपए पेंशन के रूप में प्रदान करेगी। बता दें कि इस योजना के तहत स्वरोजगार तथा छोटे व्यापारी भी अपना आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने वाले व्यक्ति की मासिक इनकम 15000 रूपए से कम होनी चाहिए।

ऐसे लोगों को मिलेगा लाभ

प्रधान मंत्री श्रम योगी मान-धन एक केंद्र सरकार की एक योजना है जो असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के वृद्धावस्था संरक्षण और सामाजिक सुरक्षा के लिए है। इसके माध्यम से श्रमिकों को सरकार के द्वारा 60 वर्ष की उम्र पूरी करने पर पेंशन के रूप में हर महीने 3000 रूपए की राशि प्रदान की जाएगी। जिससे श्रमिकों को वृद्धावस्था के दौरान किसी प्रकार की समस्या न हो।

असंगठित श्रमिक (UW) ज्यादातर रिक्शा चलाने वाले, रेहड़ी-पटरी वाले, मध्याह्न भोजन कार्यकर्ता, हेड लोडर, ईंट भट्ठा श्रमिक, मोची, कूड़ा बीनने वाले, घरेलू कामगार, धोबी, घर पर काम करने वाले, स्वयं के खाते के कर्मचारी, कृषि श्रमिक के रूप में लगे हुए लोग हैं। निर्माण श्रमिक, बीड़ी श्रमिक, हथकरघा श्रमिक, चमड़ा श्रमिक, दृश्य-श्रव्य श्रमिक या इसी तरह के अन्य व्यवसायों में लगे देश में ऐसे 42 करोड़ असंगठित कामगार हैं।

पात्रता मापदंड

  1. असंगठित क्षेत्र से जुड़े लोगों को इसका लाभ मिलेगा।
  2. आवेदक की आयु 18 वर्ष से लेकर 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  3. मासिक आय 15000 रूपए या उससे कम होनी चाहिए।
  4. EPF, NPS या ESIC का लाभ ले रहे लोगों को इस योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा।
  5. एक आयकर दाता को भी इसका लाभ नहीं मिलेगा।

यह एक स्वैच्छिक और अंशदायी पेंशन योजना है, जिसके तहत ग्राहक को 60 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद 3000 रूपए प्रति माह की न्यूनतम सुनिश्चित पेंशन प्राप्त होगी। यदि ग्राहक की मृत्यु हो जाती है तो लाभार्थी का पति 500 ​​रूपए प्राप्त करने का हकदार होगा। पारिवारिक पेंशन केवल पति या पत्नी पर लागू होती है।

नामांकन प्रक्रिया

कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से नामांकन के लिए

  1. सबसे पहले आपको अपने नजदीकी CSC सेंटर पर जाना होगा।
  2. नामांकन के समय आपको अपना आधार कार्ड, आईएफएस कोड के साथ बचत/जन धन बैंक खाता विवरण (बैंक पासबुक या चेक लीव/बुक या बैंक खाते के साक्ष्य के रूप में बैंक विवरण की प्रति) ले जाना होगा।
  3. सीएससी में मौजूद ग्राम स्तरीय उद्यमी (वीएलई) आधार कार्ड में की-इन आधार संख्या, आधार कार्ड पर छपे ग्राहक का नाम और आधार कार्ड में दी गई जन्मतिथि के अनुसार होगा।
  4. अब इसे यूआईडीएआई डेटाबेस से सत्यापित किया जाएगा।
  5. आगे के विवरण जैसे बैंक खाता विवरण, मोबाइल नंबर, ईमेल-आईडी, यदि कोई हो, पति या पत्नी और नामांकित विवरण कैप्चर किए जाएंगे।
  6. पात्रता शर्तों के लिए स्व-प्रमाणन किया जाएगा।
  7. सिस्टम ग्राहक की आयु के अनुसार देय मासिक अंशदान की स्वतः गणना करेगा।
  8. सब्सक्राइबर को वीएलई को पहली सब्सक्रिप्शन की राशि नकद में भी देनी होगी जो सब्सक्राइबर को सौंपने के लिए रसीद जेनरेट करेगा।
  9. नामांकन फॉर्म सह ऑटो डेबिट मैंडेट भी मुद्रित किया जाएगा जिस पर ग्राहक द्वारा हस्ताक्षर किए जाएंगे। वीएलई तब हस्ताक्षरित नामांकन सह ऑटो डेबिट मैंडेट को स्कैन करेगा और सिस्टम में अपलोड करेगा।
  10. उसी समय एक श्रम योगी पेंशन खाता संख्या जनरेट होगा और श्रम योगी कार्ड सीएससी पर प्रिंट किया जाएगा।
  11. प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही ग्राहक के पास श्रम योगी कार्ड होगा और उसके रिकॉर्ड के लिए नामांकन फॉर्म की हस्ताक्षरित प्रति होगी।
  12. उन्हें ऑटो डेबिट और श्रम योगी पेंशन खाते के विवरण के एक्टिवेशन पर नियमित रूप से एसएमएस भी प्राप्त होंगे।

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