PM Yuva 2.0: युवाओं के लिए सरकार लाई बड़ी योजना ₹300000 तक की मिलेगी स्कॉलरशिप।

PM Yuva 2.0: भारत को एक ‘युवा देश’ माना जाता है क्योंकि इसकी कुल आबादी के 66% लोग युवा हैं जिसे क्षमता और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है. इस संदर्भ में युवा लेखकों की पीढ़ियों को मार्गदर्शन देने की ये राष्ट्रीय योजना रचनात्मक दुनिया में भविष्य के नेताओं की नींव रखने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है. पहली मेंटरशिप योजना 31 मई 2021 को शुरू की गई थी।

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पीएम-युवा 2.0

PM Yuva 2.0: 22 विभिन्न भारतीय भाषाओं व अंग्रेजी में युवा और नवोदित लेखकों की बड़े पैमाने पर भागीदारी के साथ पीएम-युवा योजना के पहले संस्करण के महत्वपूर्ण प्रभाव को देखते हुए अब युवा 2.0 का शुभारंभ 2 अक्तूबर 2022 को हो रहा है.

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थीम

PM Yuva: पीएम-युवा 2.0 की थीम है लोकतंत्र (संस्थाएं, घटनाएं, व्यक्तित्व, संवैधानिक मूल्य). इस योजना से लेखकों का एक ऐसा वर्ग विकसित करने में मदद मिलेगी जो भारत में लोकतंत्र तथा उसके अतीत, वर्तमान और भविष्य के विभिन्न पहलुओं पर लिख सकेगा. इसके अतिरिक्त, यह योजना महत्वाकांक्षी युवाओं को स्वयं को व्यक्त करने तथा घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारतीय लोकतांत्रिक मूल्यों का एक व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत करने के लिए अवसर भी प्रदान करेगी. थीम विशेष रूप से केवल भारतीय संदर्भ में लोकतंत्र विषय पर आधारित है ताकि भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं के बारे में अनुसंधान और दस्तावेज़ीकरण को बढ़ावा दिया जा सके.

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कार्यान्वयन और निष्पादन

PM Yuva Yojana: कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में नेशनल बुक ट्रस्ट, भारत (बीपी डिवीजन के तहत, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार) मेंटरशिप के सुपरिभाषित चरणों के तहत योजना के चरण-वार निष्पादन को सुनिश्चित करेगा.

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छात्रवृत्ति का वितरण

PM Yuva 2023: मेंटरशिप योजना के तहत, प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन के अंत में, समेकित छात्रवृत्ति रुपये 50,000 प्रति माह, छह महीने की अवधि के लिए (50,000 x 6 = रु 3 लाख) प्रत्येक लेखक को भुगतान किया जाएगा. मेंटरशिप प्रोग्राम के अंत में लेखकों को उनकी पुस्तकों के सफल प्रकाशन पर 10% की रॉयल्टी देय होगी. इस योजना के तहत प्रकाशित पुस्तकों का अन्य भारतीय भाषाओं में अनुवाद किया जा सकता है, जिससे भारत के विभिन्न राज्यों के बीच संस्कृति और साहित्य का आदान-प्रदान सुनिश्चित हो सके और इस तरह एक भारत श्रेष्ठ भारत को बढ़ावा मिले. उन्हें अपनी पुस्तकों को बढ़ावा देने और राष्ट्रीय स्तर पर पढ़ने और लिखने की संस्कृति का प्रचार करने के लिए एक मंच भी दिया जाएगा.