Wed. Sep 21st, 2022
Ration Card : सरकार ने अगले महीने से कम कर दिया गेहूं का कोटा

Ration Card : केंद्र सरकार (Central Government) की तरफ से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत गरीब परिवारों को सितंबर माह तक मुफ्त में राशन उपलब्ध करवाया जा रहा है। वहीं इस बार यूपी समेत अन्य राज्यों में राशन धारकों को गेहूं नहीं प्राप्त हुआ है। सबसे महत्वपूर्ण बात तो ये है कि जून से लेकर सितंबर तक सरकार गेहूं का कोटा कम कर देगी।

चावल का बढ़ाया जाएगा कोटा

मिली जानकारी के मुताबिक इसके स्थान पर सरकार की तरफ से चावल अधिक दिया जा सकता है। बता दें कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत सितंबर माह तक बिहार, केरल तथा उत्तर प्रदेश में मुफ्त राशन का वितरण किया जाना है। लेकिन सरकार के द्वारा अभी से गेहूं का कोटा घटा दिया गया। अब ऐसी जानकारी मिल रही है कि गेहूं के स्थान पर चावल का कोटा बढ़ा दिया जाएगा।

सरकार कर रही है ये विचार

अब सरकार 1 किलो गेहूं के साथ 4 किलो चावल देगी या फिर पूरी तरह से 5 किलो चावल ही उपलब्ध करवाएगी फिलहाल इस मुद्दे पर मंथन जारी है। बहुत जल्द इसका भी पता चल जाएगा। अब सवाल ये है कि आखिर ऐसा क्यों किया गया। अभी तक सबकुछ सही चल रहा था फिर अचानक इतना बड़ा कदम सरकार को क्यों उठाना पड़ा। आइए जानते हैं कि इसके पीछे कौन सी ऐसी वजह है।

गेहूं की सरकारी खरीद में आई गिरावट

दरअसल गेहूं की सरकारी खरीद में काफी गिरावट हुई है। जिसके कारण अगले महीने से गेहूं का वितरण कम कर दिया जाएगा या फिर यूं कहें कि बंद कर दिया जाएगा। हांलाकि इसके स्थान पर चावल का कोटा बढ़ाया जा सकता है। गेहूं की सरकारी खरीद में गिरावट आने से गेहूं का स्टॉक कम हो गया है। इसीलिए अब लोगों को गेहूं के स्थान पर चावल दिया जाएगा।

बताते चलें कि केंद्र सरकार की तरफ से सितंबर के महीने तक के लिए ये संशोधन किया गया है। इससे पहले यूपी के लगभग 15 करोड़ से अधिक लाभार्थियों पर इसका प्रभाव पड़ेगा। अब देखना ये है कि सरकार आगे क्या निर्णय लेती है।

By Himanshu Rai

Himanshu Rai is a Journalist and content professional with 10+ years of experience.He has worked with Several News Agencies like Inshorts and NTLive.He is Highly Experienced and has Excellent Knowledge of Indian Politics.He Currently working as Editor and Content Management.

Leave a Reply

Your email address will not be published.