Recession: क्या हमारे देश की अर्थव्यवस्था में आ गई है मंदी, जानिए आप पर क्या पड़ेगा असर

Recession: आर्थिक जानकारों के अनुसार विश्व में बहुत ही जल्द मंदी की मार पड़ने वाली है। इसको लेकर बताया जा रहा है कि इसका सबसे ज्यादा असर अमेरिका पर पड़ेगा साथ ही ब्रिटेन और यूरोप व्हिस्की मार जलेंगे। हालांकि भारत को इससे थोड़ा सुरक्षित माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की रिपोर्ट के अनुसार भारत बाकी सभी देशों की तुलना में वैश्विक मंदी को जेल सकेगा। और भारत पर इसका ज्यादा असर नहीं दिखेगा। IMF की रिपोर्ट के अनुसार साल 2023 अर्थव्यवस्थाओं के लिए मंदी का दौर होगा। इससे पूरे विश्व को मंदी की मार झेलनी पड़ सकती है। वहीं इससे सबसे ज्यादा नुकसान अमेरिका को ही बताया जा रहा है। अमेरिकी प्रेजिडेंट जो गार्डन द्वारा भी इस पर बयान दिया गया है उन्होंने कहा कि अमेरिका मंदी को झेलने में सक्षम है।

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मंदी और उसके परिणाम (Recession and it’s Consequences)

Recession 2023: मंदी एक ऐसी स्थिति है जिसमें किसी भी देश की जीडीपी में भारी गिरावट आती है। यदि किसी देश की जीडीपी यानी सकल घरेलू उत्पाद में एक छमाही के अंदर दो तिहाई या ज्यादा की गिरावट होती है। तो इसे आर्थिक मंदी करार किया जाता है ।आर्थिक मंदी के समय देश की जीडीपी के साथ-साथ पर व्यक्ति निगम में भी भारी गिरावट आती है। साथ ही कंपनियों व शेयर मार्केट भी नीचे गिर जाता है। ऐसे में मंदी का भी डराने वाली स्थिति उत्पन्न कर सकती है इससे महंगाई आसमान छूती है।

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मंदी आने के कारण (Major Causes of Recession)

Recession: आर्थिक सलाहकारों के अनुसार अमेरिका यूरोप समेत चीन का आर्थिक मंदी में फसना तय माना जा रहा है। चीन को पहले ही करोना वायरस की वजह से काफी आर्थिक नुकसान हुआ है। ऐसे में मंदी आने से चीन की अर्थव्यवस्था तहस-नहस हो सकती है। वहीं रूस और यूक्रेन युद्ध के कारण पूरे यूरोप में मंदी जाने लग गई है। युद्ध के कारण यूक्रेन द्वारा होने वाली सप्लाई चैन पर असर पड़ा है। साथ ही रूस द्वारा कच्चे तेल की कीमतों में भी उछाल किए गए हैं। वही यूक्रेन द्वारा निर्यात किए जाने वाले गेहूं सहित अन्य अनाजों के दाम भी बढ़ रहे हैं। वहीं ब्रिटेन की बात करें तो महंगाई 40 वर्षों में सबसे ऊपर चली गई है अमेरिका का भी यही हाल है। वही हमारे देश भारत की बात करें तो यहां पर भी खुदरा महंगाई दर 7% के ऊपर जा रही है।

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पहले भी आ चुकी है मंदी (Old Recession)

Recession examples: वर्ष 2023 में आने वाली मंडी विश्व के लिए काफी हानिकारक साबित होने वाली है। वैसे तो आईएमएफ रिपोर्ट में बताया गया है। कि मंदी का असर भारत पर ज्यादा नहीं होगा। भारत देश का मजबूती से सामना कर सकेगा। पहले के समय की बात करें तो हमारे देश में दो बार मंदी आ चुकी है। पहली बार 1991 में मंदी आई थी। उस समय भारत का विदेशी मुद्रा भंडार लगभग समाप्त हो गया था। वहीं भारत काफी कर्ज में डूबा हुआ था। इससे उबरने के लिए सरकार को देश का सोना भी गिरवी रखना पड़ा था। वही मंदी के उदाहरण के रूप में देखे तो आज हम श्रीलंका को देख सकते हैं। वहीं भारत की बात करें तो दूसरी बार 2008 में मंदी आई थी। जोकि कुछ विदेशी देशों के कारण आई थी।

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मंदी के प्रभाव कैसे होंगे काम (Impact of Recession)

Recession in India: किसी भी देश को मंदी से भी लड़ना है तो सबसे पहले देशों में ऐसी समय के लिए एक एमरजैंसी फंड बनाया जाता है। जिसका उपयोग किया जाता है इस फंड का उपयोग 6 महीनों में किया जाता है। जब मंदी की मार सबसे ज्यादा होती है। देश के प्रत्येक परिवार को एक इमरजेंसी फंड जरूर रखना चाहिए। जो कि बुरे वक्त में काम आ सके। यदि आप भी मंदी का शिकार नहीं होना चाहते हैं। तो सबसे पहले अपनी फिजूलखर्ची बंद करनी होगी लोगों द्वारा फिजूलखर्ची के रुपए बचा कर भी मंदी का समय गुजार जा सकता है। साथ ही क्रेडिट कार्ड और लोन लोगों को सबसे ज्यादा मुश्किल में डालते हैं जितना हो सके उतना इनसे बचना चाहिए। आर्थिक सलाहकारों के अनुसार जल्द ही मंदी की मार शुरू होगी। ऐसे में शेयर बाजार में निवेश करने से बचना चाहिए। क्योंकि मंदी आने पर शेयर बाजार काफी बुरी तरह से गिर जाते हैं। ऐसे में आपको बड़ा लो हो सकता है। यदि आप निवेश करना चाहे तो सोना सबसे बेस्ट ऑप्शन होगा। जो कि मंदी के समय भी आप को उभार सकता है।