SBI ने किया बड़ा ऐलान, आज से बदल गए नियम

SBI : स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि आज से SBI के प्रत्येक ब्रांच में पैसा ट्रांसफर करने के लिए इमीडिएट मोबाइल पेमेंट सर्विस (IMPS) की लिमिट को बढ़ा दिया गया है। IMPS ट्रांजेक्शन के लिए आज से ही एक नया स्लैब जोड़ा गया है। 2 लाख रूपए तथा 5 लाख रूपए के बीच की राशि को IMPS के माध्यम से भेजने पर 20 रूपए का चार्ज तथा जीएसटी लगेगा। यह सेवा हमेशा ग्राहक के लिए उपलब्ध रहती है। इमीडिएट मोबाइल पेमेंट सर्विस (IMPS) के माध्यम से आप किसी को भी कभी भी पैसा भेज सकते हैं।

बढ़ा दी गई IMPS की लिमिट

बताते चलें कि इमीडिएट मोबाइल पेमेंट सर्विस (IMPS) के माध्यम से किसी भी खाताधारक को आसानी से पैसा ट्रांसफर किया जा सकता है। आप कभी भी इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं। इसमें समय को लेकर किसी भी प्रकार की पाबंदी नहीं लगाई गई है। अब ग्राहक एक दिन में 5 लाख रूपए तक का ट्रांजेक्शन आसानी से कर सकता है। पहले यह लिमिट 2 लाख रूपए तक थी। इसके माध्यम से कुछ ही समय में आपका पैसा दूसरे खाते में ट्रांसफर हो जाता है। वर्तमान में देखा जाए तो लोग पैसा ट्रांसफर करने के लिए विभिन्न प्रकार के तरीके अपनाते हैं। अधिकतर लोग पैसा ट्रांसफर करने के लिए इमीडिएट मोबाइल पेमेंट सर्विस (IMPS), NEFT या फिर RTGS का उपयोग करते हैं।

RBI ने पहले ही की थी घोषणा

हांलाकि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बीते अक्टूबर माह में ही इस सेवा को लेकर एक बड़ा ऐलान किया था कि अभी तक IMPS के माध्यम से पैसा ट्रांसफर करने की लिमिट 2 लाख रूपए थी जिसको बढ़ाकर 5 लाख रूपए कर दिया गया है। इसी के तहत अब स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने भी इस बात की घोषणा कर दी है कि आज यानि 1 फरवरी 2022 से SBI के प्रत्येक ब्रांच में पैसा ट्रांसफर करने के लिए इमीडिएट पेमेंट सर्विस की लिमिट को बढ़ा दिया गया है।

ऑनलाइन सुविधा को मिल रहा है बढ़ावा

वर्तमान में देखा जाए तो धीरे-धीरे सभी सुविधाओं को ऑनलाइन बढ़ावा दिया जा रहा है। इसका मुख्य कारण ये है कि लोगों के पास इतना वक्त नहीं है कि वो फुर्सत के पल निकालकर बैंकों तक जा सकें या किसी भी अन्य कार्य के लिए तत्काल पहुंच कर उसे पूरा कर सकें। ठीक इसी प्रकार पहले लोगों को पैसा भेजने या निकालने के लिए बैंकों तक पहुंचना पड़ता था। घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद पैसा ट्रांसफर करने का अवसर प्राप्त होता था। इसीलिए इन सुविधाओं को धीरे-धीरे ऑनलाइन कर दिया गया जिससे कि लोगों को इतनी मशक्कत न करनी पड़े।

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