UP Board NSA Update 2023 : यूपी बोर्ड के मुन्नाभाइयों की अब खैर नहीं ! लपेटे में लेने की पूरी तैयारी कर चुकी है सरकार…..!

UP Board NSA Update 2023 :- नकल करना पाप है नदी किनारे सांप है ! ये कहावत तो आपने खूब सुनी होगी। दरअसल देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में नकल को लेकर सरकार आए दिन फजीहत का शिकार होती रहती हैं,ऐसे में वहां के मुख्यमंत्री योगी श्री आदित्यनाथ ने यह दावा किया है,कि इस बार बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने के लिए चौतरफा इंतजाम किए जाएंगे,ताकि साथ ही साथ परीक्षा में नकल करने वाले छात्रों को अब बख्शा नहीं जाएगा,और तो और उन पर भी NSA भीं लगाया जाएगा.

UP Board NSA Update 2023

दरअसल उत्तर प्रदेश सरकार में नकल करना अब देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ का नमूना बनता जा रहा है,ऐसे में जहां 16 फरवरी से बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हो रही है,इससे ठीक पहले प्रदेश सरकार ने परीक्षा में नकल को रोकने के लिए बड़ा ऐलान किया है,ऐलान इतना बड़ा है कि हजारों लाखों छात्रों की नींद उड़ाने की क्षमता रखता है,आपको बता दें कि यूपी में अब 10वीं और 12वीं की परीक्षा के दौरान नकल करते हुए पकड़े जाने वाले छात्रों पर सीधा एनएससी यानी राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम 1980 का पालन किया जाएगा,साथ ही नकल करने वाले तथा उसकी मदद करने वाले शिक्षक तथा अन्य अन्य शामिल होने पर संपत्ति भी जप्त हो जाएगी।Sant Ravidas SS Yojana UP: ₹5000 की शिक्षा सहायता हेतु छात्रवृत्ति योजना हेतु ऐसे भरें आवेदन फॉर्म !

यूपी का नकल देश की सुरक्षा के लिए खतरा कैसे ?

ज्यादातर अभिभावकों के मन में यह प्रश्न बार-बार उम्र घूमर करा रहा है कि यूपी में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून बेहद सख्त बनाए जाने के पीछे आखिरकार सरकार का उद्देश्य क्या है आपको बता दें कि आने से देश की सुरक्षा के लिए खतरा होने जैसी स्थिति पर लगाया जाता है कानून के तहत पुलिस चोर व्यक्ति को 12 महीने तक हिरासत में रखती है हिरासत में रखने के लिए बस बताना होता है कि इस व्यक्ति को जेल में रखा गया है,

आपको बता दें कि राजस्थान में भी पेपर लीक के मामले में आरोपियों पर NSA की कार्रवाई की गई थी।आपको बता दें कि महानिदेशक स्कूली शिक्षा विजय किरण आनंद के अनुसार नकल रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं,जाहिर तौर पर नकल में शामिल होने वाले परीक्षा केंद्र के व्यवस्थापक भी अब f.i.r. से नहीं बच सकते।Pensioners New Update : 26 जनवरी से शुरू होने जा रही है यह सुविधा, लाभार्थी ऐसे उठाएं फायदा !

चलिए आपको NSA के इतिहास से रूबरू करवाते हैं !

  • आपको बता दें कि यह एक प्रीवेंटिव कानून है जिसका सीधा मतलब होता है किसी घटना के होने से पहले संदिग्ध को गिरफ्तार कर लेना ।
  • आपको बता दें कि इस कानून का इतिहास ब्रिटिश शासन से जुड़ा हुआ है,
  • 1881 में ब्रिटिश सरकार ने बंगाल रेगुलेशन थर्ड का नाम के नाम से एक कानून बनाया था,
  • इसमें घटना होने से पहले ही गिरफ्तारी की व्यवस्था की गई थी फिर 1919 में रॉलेक्ट एक्ट लाया गया,
  • जिसमें ट्रायल की व्यवस्था तब तक नहीं बनाई गई थी यानी जिसे हिरासत में लिया गया वह अदालत में नहीं भी जा सकता था,
  • इसी कानून के विरोध के चलते जालियांवाला बाग हत्याकांड हमारे सामने हुआ।
  • इसी के साथ जब भारत आजाद हुआ तो भारत के भावी प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की सरकार ने 1950 में प्रीवेंटिव डिटेंशन एक्ट लाकर 31 दिसंबर 1969 को इसकी अवधि खत्म कर दी।
  • इसी के साथ 1971 में इंदिरा गांधी ने प्रधानमंत्री रहने के दौरान मेंटेनेंस ऑफ इंटरनेशनल सिक्योरिटी एक्ट यानी मिसाल लाकर 1975 में इमरजेंसी के दौरान राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ इस्तेमाल कर दिया।
  • अंतिम रूप से 1977 में जो जनता पार्टी की सरकार बनी तब इस मिसा एक्ट को खत्म किया गया,और 1980 में फिर इंदिरा गांधी जब प्रधानमंत्री बनी तब उसकी सरकार द्वारा सितंबर 1980 को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून संसद में पारित कर 27 दिसंबर 1980 को धरातल पर सौंप दिया गया।EPFO Latest Update: खाताधारकों को मिलेगा 7 लाख का फायदा, करना होगा यह छोटा सा काम, जानें डिटेल्स।

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