UP DA Hike: CM योगी ने दिया कर्मचारियों को तोहफा, DA-DR में बढ़ोतरी, बोनस के साथ खाते में आएंगे 34,220

7th pay commission Latest update : सरकार ने कर्मियों के महंगाई भत्ते और महंगाई राहत (डीए-डीआर) में चार प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा की है।इसके साथ ही बोनस की भी घोषणा की गई है।
7th pay commission DA- DR Hike: सरकार ने यूपी के सरकारी कर्मियों और पेंशनभोगियों को दिवाली का शानदार तोहफा दिया है.सरकार ने कर्मियों के महंगाई भत्ते और महंगाई राहत (डीए-डीआर) में चार फीसदी की बढ़ोतरी की घोषणा की है।इसके साथ ही बोनस की भी घोषणा की गई है, जिसके तहत प्रत्येक कर्मचारी को 6908 रुपये का लाभ दिया जाएगा।आपको बता दें कि यूपी कर्मियों का महंगाई भत्ता पहले 34 फीसदी हो जाता है, जो अब बढ़कर 38 फीसदी हो गया है.इस बूम को 1 जुलाई 2022 से अंजाम दिया गया है।सरकार के बयान के बाद यूपी के कर्मियों का महंगाई भत्ता केंद्रीय कर्मियों के बराबर हो गया है.दरअसल, वर्तमान में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने भी महत्वपूर्ण कर्मियों के महंगाई भत्ते में चार प्रतिशत की वृद्धि की है।सीएम योगी ने दीवाली से पहले बोनस की भी मंजूरी दे दी है।

18 लाख सरकारी कर्मचारियों और 12 लाख पेंशनर को मिलेगा लाभ

यूपी सरकार के इस फैसले के बाद राज्य के विभिन्न विभागों के 18 लाख सरकारी कर्मियों और 12 लाख पेंशनभोगियों को इसका लाभ मिलेगा.आपको बता दें कि सरकार महंगाई भत्ते में साल में दो बार संशोधन करती है।गौरतलब है कि यह वृद्धि 1 जुलाई 2022 से लागू करने की घोषणा की गई है, इसी के तहत राज्य सरकार के कर्मियों को इस माह तीन माह का बकाया भी मिल सकता है।आपको बता दें कि इस महीने महंगाई भत्ता और महंगाई के इलाज का भुगतान करने पर सरकार पर हर महीने 296 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।वहीं अगर आप तीन माह का बकाया अपलोड करते हैं तो जुलाई से अक्टूबर तक प्रभार के लिए अधिकारियों पर 1184 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।

अधिकतम बेसिक सैलरी पर कैलकुलेशन

1. कर्मचारी का मूल वेतन 56,900 रुपये
2. नया महंगाई भत्ता (38%) रु.21,622/माह
3. अब तक का महंगाई भत्ता (34%) रु.19,346/माह
4. महंगाई भत्ते में कितना सुधार हुआ 21,622-19,346 = रु.2276/माह
5. वार्षिक वेतन वृद्धि 2276 X12 = 27,312 रुपये

न्यूनतम मौलिक वेतन पर गणना

1. कर्मचारी का मूल वेतन 18,000
2. नया महंगाई भत्ता (38%) रु.6840/माह
3. अब तक का महंगाई भत्ता (34%) रु.6120/माह
4. महंगाई भत्ते में कितना सुधार हुआ 6840-6120 = रु.720/माह
5. वार्षिक वेतन वृद्धि 720 X12= 8640 रुपये

इस हिसाब से सबसे प्राथमिक राजस्व यानी 56,900 रुपये सालाना राज्य कर्मियों के खाते में कुल 27,312 रुपये आएंगे।दूसरी ओर सरकार ने प्रत्येक कर्मचारी के लिए 6908 रुपये का लाभ देने का ऐलान किया है।यानी कर्मियों के खाते में अतिरिक्त 27,312 6908 = 34,220 रुपये आएंगे।

56900 है बेसिक सैलरी

यदि कर्मियों का साधारण लाभ 56900 रुपये है, तो 38 प्रतिशत महंगाई भत्ते के हिसाब से उनके महंगाई भत्ते में 21622 रुपये का उछाल देखा जा सकता है, जबकि अब तक 34 रुपये की फीस पर महंगाई भत्ता मिलता है।
उन्हें 19346 रुपये के माध्यम से शत-प्रतिशत आपूर्ति की जा रही है।महंगाई भत्ता बढ़ने से कर्मियों को महीने के हिसाब से 2276 रुपये का उछाल मिलता है.सैलरी 27312 रुपये सालाना मिलती है।कर्मियों के खाते में महंगाई भत्ते के साथ 6908 रुपये बोनस भी भेजा जाएगा।जिससे कर्मियों के खाते में 34220 रुपये का और उछाल देखने को मिल सकता है।

1184 करोड़ रुपए का मिलेगा अतिरिक्त भार

18 लाख सरकारी कर्मियों सहित 12 लाख पेंशनभोगियों को भी महंगाई भत्ते में उछाल का लाभ मिल सकता है।वहीं, एक जुलाई से महंगाई भत्ते में उछाल आया है।कर्मियों को तीन माह के एरियर का भुगतान किया जा सकता है।हालांकि, प्राथमिक वेतन पर महंगाई भत्ता देय है।ऐसे में डीए डीआर बूम के चलते हर महीने अधिकारियों पर 296 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।एरियर के चार्ज के साथ ही देश सरकार पर 1184 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।