UP Election 2022 : इसौली विधानसभा के लिए मजबूत दावेदार पेश हुईं दिव्या प्रजापति

UP Election 2022 : समाजवादी पार्टी ने 25 जनवरी को सुल्तानपुर जनपद के इसौली विधानसभा सीट को छोड़कर सभी विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। ऐसे में समाजवादी पार्टी (Samajwadi party) की परंपरागत सीट इसौली पर प्रत्याशी का घोषित ना होना क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। राजनीतिक विद्वानों की माने तो इस सीट पर सपा गठबंधन ने अपनी नजर गड़ाई है। 3 दिसंबर को सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने भागीदारी संकल्प मोर्चा में शामिल भागीदारी पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महिला मोर्चा दिव्या प्रजापति (Divya Prajapati) के समर्थन में जनसभा की थी। जिसके माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की गई थी कि इस बार इसौली सीट गठबंधन की झोली में जा रही है।

इसौली में फंसा सीट बंटवारे का पेंच

ऐसे में जब सुल्तानपुर की सभी विधानसभा सीटों पर समाजवादी पार्टी ने अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं और इसौली सीट पर प्रत्याशी की घोषणा अभी भी संशय का विषय बना हुआ है। ऐसा माना जा रहा है कि दिव्या प्रजापति (Divya Prajapati) की दावेदारी सबसे मजबूत है और वो सभी अन्य दावेदारों के इरादों पर पानी फेर सकती हैं।

भागीदारी पार्टी से दिव्या प्रजापति होंगी गठबंधन उम्मीदवार

दिव्या प्रजापति के सहयोगी से हुई बातचीत में जानकारी मिली है कि सपा मुखिया अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने आज उन्हें लखनऊ बुलाया है। ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि बहुत जल्द ही निर्णय उनके पक्ष में सुनाया जा सकता है।

सपा गठबंधन के खाते में जा सकती है इसौली

गौरतलब है कि विगत सप्ताह कई मीडिया संस्थानों ने इसौली के सीट बंटवारे पर फंसते पेंच को लेकर कई खबरें भी चलाई थीं जो अब सही साबित होती दिख रही है। ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि यह सीट भागीदारी संकल्प मोर्चा के खाते में रही है।

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी गलियारे गर्म दिखाई दे रहे हैं। वर्ष 2022 के इस चुनाव में सत्ता हथियाने की होड़ लगी है। जहां एक तरफ भाजपा (BJP) अपने दांव फंसाने में लगी है तो वहीं दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी भी पूरी तैयारी के साथ चुनावी दंगल में मोर्चा संभाल चुकी है। इस बार भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच कांटे की लड़ाई होगी। ऐसे में इसौली विधानसभा सीट पर सपा प्रत्याशी की घोषणा एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन चुका है। हांलाकि ऐसी आशंका जताई जा रही है कि इस आर-पार की लड़ाई को देखते हुए समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव इसौली विधानसभा सीट के लिए दिव्या प्रजापति को अपना प्रत्याशी घोषित कर सकते हैं।

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