Yes Bank AT1 Bonds : 2023 में निवेशकों को मिली राहत,मुंबई हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया आरबीआई का फैसला !

Yes Bank AT1 Bonds :- आपको बता दें कि यस बैंक एडिशनल tier-1 बॉन्ड्स के राइट डाउन मामले में सुप्रीम कोर्ट में जल्द ही याचिका दायर करने जा रहा है.ऐसे में बैंक के एमडी तथा सीईओ प्रशांत कुमार ने इस मसले की जानकारी सोशल मीडिया हैंडल प्रदीप दिसंबर तिमाही नतीजे के ऐलान के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रशांत कुमार ने यह भी कहा कि मुंबई हाईकोर्ट में कल 20 जनवरी को जब अपना फैसला सुनाया जाएगा तो तुरंत अनुरोध कर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने का समय भी दिया जाए.ऐसे में आज हम आपको यस बैंक मामले से जुड़े पिन पॉइंट्स स्टेप बाय स्टेप बताने जा रहे हैं,अतः आर्टिकल को अंत तक आराम से पढ़े।

Yes Bank AT1 Bonds

Yes Bank AT1 Bonds
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प्राइवेट सेक्टर का दिगस बैंक प्राइवेट सेक्टर में अपना नाम बना चुका यस बैंक के राइट डाउन मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने जा रहा है,आपको बता दें कि दिसंबर तिमाही के नतीजे के बाद बैंक के एमडी तथा CEO प्रशांत कुमार यह स्पष्ट किया कि बॉम्बे हाई कोर्ट की ओर से कल 20 जनवरी को अपना फैसला सुनाया जाएगा,तो तुरंत अनुरोध कर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने के लिए समय दिया जाए,ऐसे में बैंक ने हाईकोर्ट को अपने फैसले पर स्टे लगाने की भी मांग की है।अभी पढ़े :- KUSUM SCHEME Latest Update 2023: खुशखबरी ! किसानों को मिलेगा बिजली बनाओ पैसा कमाओ योजना के जरिए 90% सब्सिडी का लाभ……!

चलिए जाने क्या है यस बैंक का पूरा मामला !

साल 2023 की शुरुआत यस बैंक के लिए मनहूस साबित हो रही है,दरअसल वित्तीय दबाव से जूझता हुआ यस बैंक मार्च 2020 में ब्लाउज के तहत बेल आउट के तहत 8415 करोड़ रुपए के AT1 बॉन्ड्स को राइट ऑफ कर दिया गया था यानी उनकी वैल्यू जीरो कर दी गई थी। इसके खिलाफ बैंक के स्टेकहोल्डर्स कोर्ट चले गए,लेकिन मुंबई हाईकोर्ट के फैसले से असंतुष्ट अंशधारक अब सुप्रीम कोर्ट जा पहुंचे हैं,आपको बता दें कि बंबई हाईकोर्ट की ओर से AT1 की वैल्यू जीरो करने को गलत माना गया था,आपको बता दें कि at1 बॉन्ड्स एसिबॉन्ड है जिनकी कोई फिक्स्ड मैच्योरिटी नहीं होती लेकिन इनका रिटर्न बहुत हायर होता है।अभी पढ़े :-<strong>SBI Recruitment 2022: सरकारी नौकरी पाने का सुनहरा मौका ! 5000 पदों के लिए आवदेन शुरू, ऐसे करें अप्लाई !</strong>

सुनिए क्या कहा यस बैंक के सीईओ प्रशांत कुमार ने !

आपको बता दें कि यस बैंक के सीईओ प्रशांत कुमार का कहना है,कि मुंबई हाईकोर्ट की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने के लिए 6 हफ्ते का समय लिया गया है,निश्चित तौर पर इन छह हफ्तों में हाई कोर्ट का फैसला स्थगित रहेगा, ऐसे में at1 बॉन्ड्स मामले में बॉन्डहोल्डर्स ने आरोप लगाया है,कि बैंक के कर्मचारियों की ओर से इसे सुपर एफडी कह कर आम जनता को बेचा गया था, अभी पढ़े :- National Pension System Update 2023 : क्या अकाउंट होल्डर की मृत्यु के बाद नॉमिनी को मिलता है पेंशन का लाभ,पढ़िए खबर !

लेकिन बैंक के फेल होने की स्थिति में इसकी वैल्यू को जीरो होने की जोखिम के बारे में बैंक बैंकिंग कस्टमर्स को कोई पूर्व जानकारी नहीं दी गई थी,इस मामले में टांग अड़ाते हुए आरबीआई का यह कहना है कि बैंक ने राइट ऑफ करने का जो फैसला लिया था वह यस बैंक और at one बॉन्डहोल्डर्स के बीच कॉन्ट्रैक्ट के प्रावधानों के खिलाफ था। अभी पढ़े :- EPFO: क्या जनवरी के अंत तक आएगा PF पर ब्याज का पैसा! जानें कितना मिलेगा इंटरेस्ट।

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