Zilingo : जिलिंगों ने इन कारणों से अपने ही CEO अंकिती बोस को कंपनी से निकाला बाहर, जानें वजह

Zilingo : सिंगापुर (Singapore) स्थित फैशन टेक्नोलॉजी स्टार्टअप ज़िलिंगो (Zilingo) ने गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतों के बाद एक स्वतंत्र फोरेंसिक ऑडिट (Forensic Audit) के बाद  भारतीय मूल की सह संस्थापक तथा अपने सीईओ अंकिती बोस को निकाल दिया है। सिकोइया कैपिटल इंडिया समर्थित स्टार्टअप ने बोस को 31 मार्च, 2022 को निलंबित कर दिया था।  जो कि इन दिनों काफी तेजी से सुर्खियों में दिखाई दे रही हैं।

कंपनी ने उठाए सख्त कदम

जिलिंगो ने जानकारी देते हुए कहा है कि गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतों पर नजर बनाए रखने के लिए एक कमीशन का गठन किया गया था। वहीं स्वतंत्र फोरेंसिक ऑडिट के बाद कंपनी ने अंकिती बोस को बर्खास्त करने का निर्णय ले लिया। इतना ही नहीं बल्कि अंकिती बोस पर सख्त कार्रवाई करने का भी मन बना लिया है। फिलहाल ये विवाद इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है।

कंपनी की तरफ से नहीं दी गई है वारदात की विस्तृत जानकारी

हांलाकि कंपनी की तरफ से अंकिती बोस के खिलाफ कोई भी आरोप या ऑडिट के निष्कर्षों के बारे में सही ढंग से जानकारी नहीं दी गई है। वैसे 31 मार्च को निलंबित होने के बाद अंकिती बोस ने उत्पीड़न से संबंधित कुछ आरोप भी लगाए थे। सबसे खास बात तो ये है कि इसमें निवेशकों या नामांकित व्यक्तियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की कोई शिकायत शामिल नहीं है।

वर्ष 2015 में कंपनी की हुई थी स्थापना

वहीं फर्म ने सलाहकार का बिना नाम लिए कहा है कि उत्पीड़न के दावों पर नजर रखने के लिए एक टॉप कंसल्टिंग फर्म की नियुक्ति की गई थी। कंपनी ने गंभीरता से जांच के बाद उचित कार्रवाई की है। दरअसल जिलिंगो एक ऑनलाइन फैशन कंपनी है जिसमें कपड़ा व्यापारियों तथा कारखानों को टेक्नोलॉजी की आपूर्ति करवाई जाती है। इस कंपनी की स्थापना वर्ष 2015 में अंकिती बोस तथा मुख्य प्रद्योगिकी अधिकारी ध्रुव कपूर के द्वारा की गई थी।

लंबे समय से चल रहा था विवाद

बताते चलें कि विगत लंबे समय से जिलिंगो के बोर्ड तथा अंकिती बोस के बीच मन मुटाव चल रहा था। दोनों तरफ से आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला भी तेजी से चल रहा था। जहां एक तरफ कंपनी ने अंकिती पर वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाया था तो वहीं अंकिती ने बोर्ड के खिलाफ उत्पीड़न का आरोप लगाकर इसकी शिकायत भी दर्ज करवाई थी।

अंकिती के ऐक्शन में आते ही बोर्ड में खलबली मच गई और 11 मार्च को उन्हें CEO के पद से हटा दिया गया। इसके बाद 12 अप्रैल को उन्हें कंपनी से सस्पेंड कर दिया गया। वहीं अब कंपनी ने अंकिती बोस को बर्खास्त कर दिया है।

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